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11 अगस्त को शनि अमावस्या और सूर्यग्रहण
इंदौर। साल का तीसरा सूर्य ग्रहण अगस्त के महीने में पड़ने जा रहा है। यह सूर्य ग्रहण आंशिक होगा और भारत में इसका असर नहीं होगा। फिर भी भारत में यह ग्रहण माना जाएगा।
ज्योतिषाचार्य डॉ श्रद्धा सोनी ने बताया कि 11 अगस्त को लगने वाले इस ग्रहण के दिन कई तरह के संयोग बन रहे हैं। यह ग्रहण श्रावण अमावस्या पर लगने वाला है। शनिवार होने के कारण शनैश्चरी अमावस्या भी है। और हरियाली अमावस्या भी है। इसी दिन से नवग्रह यात्रा भी प्रारंभ होगी। इसलिए यह दिन मंत्र-सिद्धि और दान-धर्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि एक महीने के अंदर यह तीसरा ग्रहण है। यह ग्रहण मानव जाति और प्रकृति में काफी हलचल पैदा कर सकता है।यह ग्रहण रूस, कजाकिस्तान, मंगोलिया, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्कैंडेविया, स्वालवर्ड और चीन में दिखाई देगा।
सूतक ग्रहण काल से करीब 12 घंटे पहले लग जाएगा। ग्रहण शनिवार को दोपहर 1:32 बजे से शुरू होगा और शाम 5:00 बजे तक रहेगा। यानी कि 10 अगस्त को देर रात 1:30 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष ध्यान रखना चाहिए।
11 अगस्त को पड़ने वाला ग्रहण साल 2018 का तीसरा सूर्य ग्रहण है। इससे पहले 15 फरवरी और 13 जुलाई को सूर्य ग्रहण लगा था।
इस साल तीन सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगने हैं। पहला चंद्र ग्रहण 31 जनवरी को था तो दूसरा 27 जुलाई को लगा।11 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण के बाद अब इस साल कोई ग्रहण नहीं लगेगा।


